स्नो ब्लोअर के विभिन्न प्रकार

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परिचय

स्नो ब्लोअर का आविष्कार कनाडा में हुआ था, जहां साल में कम से कम नौ महीने बर्फ गिरती है। पहला रोटरी स्नो ब्लोअर 1884 में ऑरेंज जुल द्वारा डिजाइन किया गया था। पहला सेल्फ-प्रोपेल्ड रोटरी स्नो ब्लोअर 1925 में आर्थर सिकार्ड ने बनाया था। तब से लेकर अब तक स्नो ब्लोअर ने बहुत विकास किया है।

सिंगल-स्टेज स्नो ब्लोअर

सिंगल-स्टेज स्नो ब्लोअर सबसे सरल और सबसे किफायती विकल्प है। इसमें एक रबर या प्लास्टिक का ऑगर होता है जो बर्फ को उठाता है और सीधे चूट से बाहर फेंक देता है। यह हल्की से मध्यम बर्फबारी के लिए उपयुक्त है, आमतौर पर 20 सेंटीमीटर तक की गहराई के लिए।

ये मशीनें हल्की और चलाने में आसान हैं। अधिकांश मॉडल इलेक्ट्रिक होते हैं, या तो कॉर्ड वाले या बैटरी से चलने वाले। छोटे ड्राइववे और फुटपाथों के लिए ये एकदम सही हैं। इनमें सेल्फ-प्रोपेलिंग सिस्टम नहीं होता, इसलिए आपको खुद धकेलना पड़ता है।

टू-स्टेज स्नो ब्लोअर

टू-स्टेज स्नो ब्लोअर में दो चरण होते हैं। पहले चरण में एक मेटल ऑगर बर्फ को तोड़ता और इकट्ठा करता है। दूसरे चरण में एक इम्पेलर बर्फ को तेज गति से चूट के माध्यम से बाहर फेंकता है। यह दो-चरणीय प्रक्रिया इसे भारी और गहरी बर्फ को संभालने में सक्षम बनाती है।

ये मशीनें 30 से 60 सेंटीमीटर तक की बर्फ आसानी से साफ कर सकती हैं। अधिकांश मॉडल गैसोलीन इंजन से चलते हैं और सेल्फ-प्रोपेल्ड होते हैं, जिसका मतलब है कि मशीन खुद आगे बढ़ती है और आपको बस दिशा नियंत्रित करनी होती है।

बड़े ड्राइववे, लंबे फुटपाथ और भारी बर्फबारी वाले क्षेत्रों के लिए टू-स्टेज मशीन सबसे अच्छा विकल्प है। मेटल ऑगर कठोर बर्फ और बर्फ के ढेरों को भी तोड़ सकता है जो बर्फ हटाने वाले ट्रक ड्राइववे के मुहाने पर छोड़ जाते हैं।

थ्री-स्टेज स्नो ब्लोअर

थ्री-स्टेज स्नो ब्लोअर सबसे शक्तिशाली विकल्प है। इसमें दो बाहरी ऑगर और एक केंद्रीय एक्सेलरेटर होता है। बाहरी ऑगर बर्फ को अंदर खींचते हैं, केंद्रीय एक्सेलरेटर इसे तोड़कर तेजी से इम्पेलर की ओर भेजता है, और इम्पेलर इसे बाहर फेंकता है।

यह तीन-चरणीय प्रक्रिया स्नो ब्लोअर को टू-स्टेज मॉडल की तुलना में 50 प्रतिशत तेजी से काम करने में सक्षम बनाती है। ये मशीनें सबसे भारी बर्फबारी और गीली, भारी बर्फ को भी आसानी से संभाल सकती हैं।

इलेक्ट्रिक बनाम गैस

इलेक्ट्रिक स्नो ब्लोअर शांत, पर्यावरण के अनुकूल और कम रखरखाव वाले होते हैं। बैटरी वाले मॉडल में कॉर्ड की सीमा नहीं होती लेकिन चार्ज सीमित होता है। हल्की बर्फबारी और छोटे क्षेत्रों के लिए ये उत्कृष्ट हैं।

गैस से चलने वाले स्नो ब्लोअर ज्यादा शक्तिशाली होते हैं और लंबे समय तक लगातार काम कर सकते हैं। भारी बर्फबारी और बड़े क्षेत्रों के लिए गैस मॉडल अभी भी सबसे अच्छा विकल्प है।

निष्कर्ष

सही स्नो ब्लोअर चुनना आपके क्षेत्र में बर्फबारी की मात्रा, ड्राइववे के आकार और बजट पर निर्भर करता है। हल्की बर्फबारी के लिए सिंगल-स्टेज, मध्यम से भारी बर्फबारी के लिए टू-स्टेज और सबसे कठिन परिस्थितियों के लिए थ्री-स्टेज चुनें।

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